विस्तृत उत्तर
शिव पुराण के 'रुद्र संहिता' खंड में यह स्पष्ट उल्लेख है कि लंकापति रावण, जो केवल एक महान तांत्रिक ही नहीं, अपितु एक उच्च कोटि का 'रसायन शास्त्री' भी था, ने रसराज पारे के शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करके ही भगवान शिव को प्रसन्न किया था।
शिव पुराण की रुद्र संहिता के अनुसार लंकापति रावण — महान तांत्रिक और उच्च कोटि के रसायन शास्त्री — ने पारद शिवलिंग का निर्माण और पूजन करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था।
शिव पुराण के 'रुद्र संहिता' खंड में यह स्पष्ट उल्लेख है कि लंकापति रावण, जो केवल एक महान तांत्रिक ही नहीं, अपितु एक उच्च कोटि का 'रसायन शास्त्री' भी था, ने रसराज पारे के शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करके ही भगवान शिव को प्रसन्न किया था।
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