विस्तृत उत्तर
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, जो विधि-विधान से पारद शिवलिंग का एक बार भी पूजन कर लेता है, वह जब तक सूर्य और चंद्र रहते हैं, तब तक पूर्ण सुख प्राप्त करता है।
ब्रह्म पुराण एवं ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, वे मनुष्य धन्य हैं जो 'रसेश्वर' (पारद लिंग) का पूजन करते हैं। ऐसा साधक इस लोक में समस्त भौतिक सुखों को भोगता है और अंत में परम गति (मोक्ष) को प्राप्त करता है।





