विस्तृत उत्तर
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार: पार्वती ने पुत्र प्राप्ति के लिए 'पुण्यक व्रत' किया था, जिसके फलस्वरूप भगवान विष्णु ने शिशु रूप में अवतार लिया। शनि देव की दृष्टि पड़ने से बालक का मस्तक भस्म हो गया। तब विष्णु गरुड़ पर जाकर गजराज का मस्तक ले आए।





