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विस्तृत उत्तर
अपने बल के अहंकार में चूर रावण ने यमलोक पर आक्रमण कर दिया। इसी आक्रमण के कारण यमराज और रावण के बीच एक लंबा और विनाशकारी युद्ध हुआ। रावण की शक्ति और उसे प्राप्त वरदानों के कारण वह किसी भी साधारण अस्त्र से पराजित नहीं हो रहा था। जब यमराज ने देखा कि रावण को साधारण अस्त्रों से नहीं रोका जा सकता, तो उन्होंने क्रोध में आकर अपने अंतिम और सबसे शक्तिशाली अस्त्र कालदण्ड को उठाने का निश्चय किया।
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