ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

युद्ध प्रश्नोत्तरी — 12 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित युद्ध विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 12 प्रश्न

लोक

वृत्रासुर और इन्द्र का युद्ध कैसे हुआ?

त्वष्टा ने पुत्र विश्वरूप के वध से क्रोधित होकर हवन से वृत्रासुर उत्पन्न किया। इन्द्र भयभीत हुए, फिर दधीचि की अस्थियों से बने वज्र से वृत्रासुर का वध किया।

वृत्रासुरइन्द्रयुद्ध
लोक

क्या असुर भी स्वर्लोक पर अधिकार कर सकते हैं?

हाँ, असुर तपस्या के बल पर स्वर्लोक छीन सकते हैं। शुंभ-निशुंभ ने देवताओं को स्वर्ग से निर्वासित कर दिया था। तब देवी ने असुरों का वध कर स्वर्ग वापस दिलाया।

असुरस्वर्लोकतपस्या
दिव्यास्त्र

इंद्रास्त्र किस श्रेणी का अस्त्र था?

इंद्रास्त्र सामरिक महत्व के अस्त्रों की श्रेणी में था। यह प्रलयंकारी नहीं बल्कि युद्धभूमि पर दुश्मन सेनाओं को नष्ट करने वाला दिव्य तोपखाना था।

इंद्रास्त्रसामरिकश्रेणी
दिव्यास्त्र

नागास्त्र किस प्रकार का अस्त्र था?

नागास्त्र एक आक्रामक और संहारक अस्त्र था जिसके प्रयोग से अनगिनत विषैले सर्प प्रकट होकर शत्रु सेना पर टूट पड़ते थे।

नागास्त्रसंहारकविषैले सर्प
दिव्यास्त्र

भीष्म ने परशुराम पर आग्नेयास्त्र चलाया तो क्या हुआ?

भीष्म ने परशुराम पर आग्नेयास्त्र चलाया था लेकिन परशुराम ने वरुणास्त्र से उसे शांत कर दिया। यह गुरु-शिष्य के बीच दिव्यास्त्र द्वंद्व का उदाहरण है।

भीष्मपरशुरामआग्नेयास्त्र
दिव्यास्त्र

भरत और गंधर्वों के बीच युद्ध क्यों हुआ?

केकय देश के गंधर्वों ने उपद्रव मचाया था। श्री राम ने भरत को उन्हें नियंत्रित करने भेजा। सात दिन के अनिर्णायक युद्ध के बाद भरत ने संवर्त अस्त्र चलाया।

भरतगंधर्वकेकय देश
दिव्यास्त्र

भगवान शिव ने अर्जुन की परीक्षा कैसे ली?

भगवान शिव ने किरात (शिकारी) का वेश धारण करके अर्जुन से युद्ध किया। इस कठिन परीक्षा में अर्जुन के पराक्रम और भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें पाशुपतास्त्र दिया।

शिवअर्जुनकिरात
दिव्यास्त्र

रावण और यमराज के बीच युद्ध क्यों हुआ?

अपने बल के अहंकार में रावण ने यमलोक पर आक्रमण कर दिया। इसी कारण यमराज और रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ।

रावणयमराजयुद्ध
दिव्यास्त्र

गरुडास्त्र के प्रयोग से युद्ध में क्या होता है?

गरुडास्त्र के प्रयोग से युद्ध के मैदान पर असंख्य दिव्य गरुड़ प्रकट होते हैं जो आकाश से उतरकर शत्रु पर टूट पड़ते हैं और सर्प-आधारित अस्त्रों को नष्ट करते हैं।

गरुडास्त्रयुद्धदिव्य गरुड़
महिषासुर वध

महिषासुर ने युद्ध में कितने रूप धारण किए?

महिषासुर ने युद्ध में रूप बदले: (1) भैंसा — सींगों से गणों को मारा, (2) सिंह, (3) हाथी — सूँड से देवी के सिंह को खींचा (देवी ने सूँड काटी), (4) पुनः भैंसा — पर्वत उखाड़कर फेंके। अंत में भैंसे के मुख से बाहर निकलते ही देवी ने मस्तक काटा।

महिषासुर रूप परिवर्तनभैंसा सिंह हाथीमायावी
हिंदू दर्शन

कृष्ण ने महाभारत में युद्ध क्यों करवाया अहिंसा उल्लंघन

पूरा श्लोक: 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्महिंसा तथैव च' — धर्म हेतु हिंसा भी धर्म। कृष्ण ने पहले सब शांति प्रयास किए (5 गांव भी नहीं मिले)। गीता 2.31 — क्षत्रिय का धर्म = अन्याय से लड़ना। अन्याय सहना = कायरता, अहिंसा नहीं।

कृष्णयुद्धअहिंसा
अस्त्र शस्त्र

भीष्म का धनुष कैसा था?

भीष्म का धनुष परशुराम से प्राप्त और अत्यंत शक्तिशाली था। इसकी प्रत्यंचा की आवाज से शत्रु कांप उठते थे। उनके पास ब्रह्मास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र थे। धनुष का विशेष नाम पुराणों में स्पष्ट नहीं है।

भीष्मभीष्म धनुषमहाभारत

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।