विस्तृत उत्तर
इंद्रास्त्र सामरिक महत्व के अस्त्रों की श्रेणी में आता था। दिव्यास्त्रों में दो प्रकार के अस्त्र थे — पहले वे जैसे ब्रह्मास्त्र या पाशुपतास्त्र जो प्रलयंकारी थे और पूरी सृष्टि का विनाश कर सकते थे, और दूसरे वे जो सामरिक महत्व के थे। इंद्रास्त्र इसी दूसरी श्रेणी का एक प्रमुख अस्त्र था। यह दुनिया को खत्म करने वाला हथियार नहीं था, बल्कि यह युद्ध के मैदान पर दुश्मन सेनाओं को नष्ट करने के लिए एक दिव्य तोपखाने की तरह था, जिसने अनगिनत लड़ाइयों का भाग्य तय किया।
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