विस्तृत उत्तर
महिषासुर अत्यंत मायावी था। उसने देवी को भ्रमित करने के लिए कई रूप धारण किए:
सबसे पहले उसने एक विशाल भैंसे (महिष) का रूप धारण किया और अपने सींगों से देवी के गणों को मारने लगा। फिर उसने सिंह का रूप ले लिया। जब देवी ने उसका सिर काटा, तो वह एक हाथी बन गया और अपनी सूँड से देवी के सिंह को खींचने लगा। देवी ने अपनी तलवार से उसकी सूँड काट दी। अंततः महिषासुर ने पुनः भैंसे का रूप धारण कर लिया और पर्वतों को उखाड़कर देवी पर फेंकने लगा।





