विस्तृत उत्तर
चंद्रहास भगवान शिव की दिव्य तलवार (खड्ग) है। 'चंद्रहास' का अर्थ है — चंद्रमा की तरह चमकने वाला हास (हँसी/प्रकाश) — अर्थात चंद्रमा जैसी चमकीली और दुर्जेय तलवार।
चंद्रहास की विशेषता — यह एक अपराजेय दिव्य खड्ग थी। इस तलवार को शिव ने रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर उसे प्रदान किया था। शिव ने साथ में यह चेतावनी भी दी कि यदि इस तलवार का दुरुपयोग किया तो यह वापस मेरे पास लौट आएगी।
रावण की प्राप्ति — रावण ने कैलाश उठाने के प्रसंग में शिव तांडव स्तोत्र रचकर शिव को प्रसन्न किया। शिव ने उसे 'चंद्रहास' खड्ग और 'रावण' नाम दिया।
दुरुपयोग और वापसी — जब रावण ने सीता-हरण के समय जटायु के पंख काटने के लिए चंद्रहास का उपयोग किया — यह शिव की दृष्टि में दुरुपयोग था — तब यह तलवार स्वतः शिव के पास लौट आई।





