विस्तृत उत्तर
शिव जी के त्रिशूल का नाम 'त्रिशूल' ही है — पुराणों में इसे किसी अलग नाम से नहीं जाना जाता। कुछ ग्रंथों में इसे 'विजय' नाम से भी संदर्भित किया गया है, परंतु व्यापक रूप से यह 'त्रिशूल' के नाम से ही प्रसिद्ध है।
त्रिशूल भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली और प्रिय शस्त्र है जिसे वे सदैव अपने हाथ में धारण किए रहते हैं। यह इतना विनाशकारी है कि इसके प्रयोग से कोई भी देव या दानव नहीं बच सकता।
शिव पुराण के अनुसार शिव के पास कई अस्त्र-शस्त्र थे — पिनाक धनुष, पाशुपतास्त्र, चंद्रहास खड्ग, परशु — परंतु उन्होंने अपने अधिकांश अस्त्र-शस्त्र देवताओं और भक्तों को प्रदान कर दिए। अंत में उनके पास केवल त्रिशूल ही शेष रहा जो उनका नित्य शस्त्र है।





