विस्तृत उत्तर
शिव जी के चक्र के नाम के विषय में पुराणों में दो परंपराएं मिलती हैं।
पहली परंपरा — कुछ ग्रंथों में शिव के चक्र का नाम 'भवरेंदु' बताया गया है।
दूसरी और अधिक प्रचलित परंपरा — पुराणों में वर्णित है कि एक बार भगवान विष्णु ने शिव की अत्यंत श्रद्धापूर्वक पूजा की। तब प्रसन्न होकर शिव ने विष्णु को अपना प्रिय 'सुदर्शन चक्र' प्रदान किया। यही सुदर्शन चक्र बाद में विष्णु का प्रमुख अस्त्र बना और द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण के पास पहुँचा। इस परंपरा के अनुसार सुदर्शन चक्र मूलतः शिव का था।
चक्र का महत्व — पुराणों में चक्र को छोटा किंतु सर्वाधिक अचूक अस्त्र बताया गया है। शिव ने इस चक्र का निर्माण भी स्वयं ही किया था।





