विस्तृत उत्तर
यद्यपि महर्लोक तपस्वियों, मुनियों और सिद्धों का लोक है और यहाँ स्वर्गलोक के इन्द्र के समान कोई भौतिक राजा या शासक नहीं होता तथापि विभिन्न पुराणों और शास्त्रों में इस लोक के उपास्य, रक्षक और अधिपति देव के रूप में यज्ञेश्वर का स्पष्ट उल्लेख प्राप्त होता है। भगवान यज्ञेश्वर और कोई नहीं अपितु स्वयं परब्रह्म भगवान विष्णु का ही एक अत्यंत पावन और यज्ञ-प्रतिपादक स्वरूप हैं। यज्ञो वै विष्णुः इस प्रसिद्ध श्रुति के अनुसार भगवान विष्णु ही साक्षात् यज्ञ हैं और यज्ञ ही विष्णु है। महर्लोक में निवास करने वाले अधिकांश महान ऋषि और प्रजापति निरंतर यज्ञेश्वर भगवान की मानसिक और आध्यात्मिक आराधना में लीन रहते हैं।
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