विस्तृत उत्तर
शिव पुराण और अन्य पुराणों में भगवान शिव के अनेक अस्त्र-शस्त्रों का उल्लेख मिलता है। उनके प्रमुख अस्त्र-शस्त्र इस प्रकार हैं —
त्रिशूल — उनका नित्य और सर्वप्रमुख शस्त्र। तीन तत्वों का प्रतीक।
पिनाक — शिव का दिव्य धनुष। इसकी टंकार से पर्वत कांप जाते थे। त्रिपुरासुर-वध में प्रयुक्त।
पाशुपतास्त्र — सर्वशक्तिशाली दिव्यास्त्र। मन, वचन, नेत्र और धनुष — चारों से चलाया जा सकता था।
चंद्रहास खड्ग — दिव्य तलवार जो शिव ने रावण को दी थी।
परशु (फरसा) — दिव्य परशु जो शिव ने परशुराम को दिया था।
सुदर्शन चक्र — पुराणों के अनुसार यह मूलतः शिव का चक्र था जो उन्होंने भगवान विष्णु को प्रदान किया।
शिव पुराण में यह भी वर्णित है कि शिव के पास जो अस्त्र-शस्त्र थे उन्होंने समय के साथ सभी देवताओं और भक्तों को प्रदान कर दिए। अंत में केवल त्रिशूल उनके पास शेष रहा।





