विस्तृत उत्तर
पिनाक धनुष संसार का सर्वाधिक शक्तिशाली धनुष माना गया है। पुराणों में इसकी अपरिमित शक्ति का विस्तार से वर्णन है।
पिनाक की शक्ति —
इसकी प्रत्यंचा की टंकार मात्र से पृथ्वी और आकाश कांप उठते थे। बादल फट जाते थे, पर्वत हिलने लगते थे और ऐसा प्रतीत होता था मानो भयंकर भूकंप आ गया हो।
त्रिपुरासुर-वध — पिनाक की सबसे बड़ी उपलब्धि त्रिपुर-नाश था। तीन असुर-पुत्रों के तीन अभेद्य उड़नशील नगर — सोने, चाँदी और लोहे के — जिन्हें साधारण रूप से नष्ट करना असंभव था, शिव ने पिनाक से एक ही बाण चलाकर तीनों को एक साथ भस्म कर दिया।
रावण भी असफल — महान शिवभक्त और बलशाली रावण ने भी इस धनुष को उठाने का प्रयास किया किंतु वह भी असफल रहा।
इस धनुष का वजन इतना था कि इसे आठ पहियों की गाड़ी में रखकर खींचा जाता था।





