शिव अस्त्र-शस्त्रचंद्रहास रावण को कैसे मिलीरावण ने कैलाश उठाने के बाद शिव के पैर से दबने पर दर्द में शिव तांडव स्तोत्र रचा। प्रसन्न शिव ने चंद्रहास खड्ग, अजेयता और 'रावण' नाम दिया — साथ में चेतावनी कि दुरुपयोग पर तलवार वापस आ जाएगी।#चंद्रहास#रावण#कैलाश
शिव अस्त्र-शस्त्रचंद्रहास तलवार क्या हैचंद्रहास शिव की दिव्य तलवार है जो उन्होंने रावण को उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर दी थी। जब रावण ने सीता-हरण में जटायु पर इसका दुरुपयोग किया, तब यह स्वतः शिव के पास लौट गई।#चंद्रहास#शिव खड्ग#दिव्य तलवार
अस्त्र शस्त्रक्या चंद्रहास शिव जी की तलवार थी?हाँ, चंद्रहास भगवान शिव की अर्धचंद्राकार दिव्य तलवार थी जो उन्होंने रावण को उसकी भक्ति पर दी थी। इसकी शक्ति वज्र के समान थी। जटायु पर प्रयोग के बाद यह शिव के पास वापस लौट गई।#चंद्रहास#शिव तलवार#रावण
अस्त्र शस्त्रचंद्रहास रावण को कैसे मिली थी?रावण ने कैलाश उठाने की कोशिश की, हाथ दबने पर शिव तांडव स्त्रोत गाकर शिव को प्रसन्न किया। शिव ने प्रसन्न होकर चंद्रहास तलवार दी — साथ में यह भी कहा कि दुरुपयोग करने पर यह वापस आ जाएगी।#चंद्रहास#रावण#शिव