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विस्तृत उत्तर
जनलोक के निवासी स्थूल भौतिक शरीरों में नहीं रहते। ब्रह्मांड पुराण और वायु पुराण के वर्णन के अनुसार जनलोक में निवास करने वाले सिद्ध, मुनि और कुमार सूक्ष्म शरीरों से युक्त होते हैं। प्रलय के समय जब महर्लोक के निवासी जनलोक की सीमा में प्रवेश करते हैं, तो वे अपने अर्ध-भौतिक शरीरों को छोड़ देते हैं और जनलोक के निवासियों के समान सूक्ष्म शरीर तथा समान क्षमता धारण कर लेते हैं।
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