विस्तृत उत्तर
सिद्धगण वे महान आत्माएं हैं जो जन्म से ही अष्ट-सिद्धियों से युक्त होते हैं। शास्त्रों में वर्णित ये आठ सिद्धियाँ इस प्रकार हैं — पहली अणिमा (अत्यंत सूक्ष्म हो जाने की शक्ति), दूसरी महिमा (विशाल रूप धारण करने की शक्ति), तीसरी लघिमा (अत्यंत हल्का होकर उड़ने की शक्ति), चौथी प्राप्ति (किसी भी स्थान या वस्तु को तुरंत प्राप्त करने की शक्ति), पाँचवीं प्राकाम्य (इच्छानुसार कहीं भी प्रकट होने की शक्ति), छठी ईशित्व (सभी पर प्रभुत्व प्राप्त करने की शक्ति), सातवीं वशित्व (सभी को अपने वश में करने की शक्ति) और आठवीं कामावसायिता (सभी इच्छाओं की पूर्ति की शक्ति)। इन्हीं सिद्धियों के बल पर सिद्धगण भुवर्लोक में बिना किसी यांत्रिक विमान के एक ग्रह से दूसरे ग्रह तक निर्बाध रूप से विचरण कर सकते हैं।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





