विस्तृत उत्तर
बालकाण्ड में सीताजी के पार्वती पूजन का विस्तृत सामग्री-वर्णन संक्षिप्त है। मुख्य रूप से बताया गया कि सीताजी ने पार्वतीजी के मन्दिर में जाकर चरणों में हाथ जोड़कर वन्दना की और स्तुति की।
चौपाई में कहा — सीताजी ने परमप्रेम की कोमल स्याही (भावना) बनाकर भगवान के सुन्दर चित्ररूपी स्वरूप को अपने हृदय की भीतिपर चित्रित कर लिया। फिर भवानीजीके मन्दिरमें गयीं और उनके चरणोंकी वन्दना करके हाथ जोड़कर बोलीं।
पूजन में सीताजी ने फूल, नैवेद्य आदि अर्पित किये — 'फूल पाकर मुनिने पूजा की' — यह विश्वामित्रजी के सन्दर्भ में कहा गया पर सीताजी की पूजा भी इसी प्रकार सामग्री सहित सम्पन्न हुई।





