विस्तृत उत्तर
शिवपुराण में वर्णन है कि ब्रह्मा केवल पुरुष प्राणियों का सृजन करके सृष्टि के विस्तार में बाधा अनुभव कर रहे थे। सृष्टि का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था क्योंकि स्त्री सृष्टि का अभाव था।
इसी कारण ब्रह्मा ने भगवान शिव से प्रार्थना की। महेश्वर ने अर्धनारीश्वर रूप में दर्शन दिए, जिससे ब्रह्मा को यह ज्ञात हुआ कि सृष्टि के प्रजननशील प्राणियों (मैथुनी सृष्टि) के सृजन के लिए पुरुष (शिव भाग) और स्त्री (शक्ति भाग) दोनों की आवश्यकता है।





