विस्तृत उत्तर
शिव पुराण की उमा संहिता में सात अधोलोकों के नाम अतल, वितल, सुतल, रसातल, तल, तलातल और पाताल बताए गए हैं। इस क्रम में 'महातल' के स्थान पर 'तल' का उल्लेख किया गया है। शिव पुराण में पाताल लोकों का वर्णन सात स्तरों वाली अधोलोक संरचना के रूप में मिलता है। यह भी स्पष्ट होता है कि नामों के क्रम में कुछ भिन्नता होने पर भी सात अधोलोकों की मूल संरचना स्वीकार की गई है। शिव पुराण में भगवान अनन्त शेष की शक्ति का भी वर्णन आता है कि जब वे मद से घूर्णित नेत्रों वाले होकर जम्हाई लेते हैं, तब पूरी पृथ्वी अपने पर्वतों, महासागरों और वनों के साथ कांपने लगती है।
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