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देवी-देवता परिचय प्रश्नोत्तर — 11 प्रश्न

देवी-देवता परिचय से जुड़े 11 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 11 प्रश्न

राधा रानी की उत्पत्ति कैसे हुई?

पद्म पुराण के अनुसार राधा गोप राजा वृषभानु और माता कीर्ति की पुत्री थीं और भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को प्रकट हुईं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में वे कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति और लक्ष्मी का अवतार बताई गई हैं। महाभारत और भागवत में उनका स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

राधा रानीराधा जन्मब्रह्मवैवर्त पुराण
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रति देवी क्या कामदेव की पत्नी हैं?

हाँ, रति देवी कामदेव की पत्नी हैं। वे प्रेम और सौंदर्य की देवी हैं। कामदेव के भस्म होने पर रति ने ही शिव से उनके पुनर्जन्म का वरदान माँगा था।

रति देवीकामदेवप्रेम देवी
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नारद मुनि की वीणा का नाम क्या है?

नारद मुनि की वीणा का नाम 'महती' है। इससे सदा 'नारायण-नारायण' की ध्वनि निकलती है। माना जाता है कि वीणा का आविष्कार नारद जी ने ही किया था।

नारद मुनिवीणामहती
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यमराज और धर्मराज एक ही हैं क्या?

हाँ, यमराज और धर्मराज एक ही देवता हैं। धर्मपूर्वक न्याय करने के कारण उन्हें 'धर्मराज' कहते हैं। स्मृतियों में इनके 14 नाम वर्णित हैं जिनमें दोनों शामिल हैं।

यमराजधर्मराजमृत्यु देव
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वायु देव के पुत्र कितने हैं?

वायु देव के प्रमुख पुत्र दो माने जाते हैं — त्रेतायुग में हनुमान जी और द्वापर युग में भीमसेन। कुछ परंपराओं में मध्वाचार्य को भी वायु का अवतार कहा गया है।

वायु देवहनुमानभीम
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अग्नि देव की पत्नी का नाम क्या है?

अग्नि देव की पत्नी का नाम स्वाहा है, जो दक्ष प्रजापति की पुत्री थीं। यज्ञ में 'स्वाहा' बोलने की परंपरा इन्हीं से जुड़ी है।

अग्नि देवस्वाहायज्ञ
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वरुण देव कौन हैं और क्या करते हैं?

वरुण देव जल, समुद्र और नदियों के अधिपति हैं। वे पश्चिम दिशा के दिक्पाल, सत्य के रक्षक और न्याय के देवता हैं। उनका वाहन मगरमच्छ और अस्त्र पाश है।

वरुण देवजल देवतापाश
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देवी-देवता परिचय — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर देवी-देवता परिचय श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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देवी-देवता परिचय को गहराई से समझने का तरीका

देवी-देवता परिचय प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

11 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।