विस्तृत उत्तर
कामदेव का धनुष ईख (गन्ने) का बना है, जिसे 'इक्षु चाप' कहते हैं। यह धनुष सदा फूलों की लताओं से सुसज्जित रहता है। कामदेव के पास पाँच बाण हैं, जो सभी फूलों से बने हैं — इन्हें 'पुष्प बाण' या 'काम बाण' कहते हैं। इनके नाम हैं अरविन्द (कमल), अशोक, चूत (आम का पुष्प), नवमल्लिका और नीलोत्पल। जब ये बाण लगते हैं तो इनकी कोई आवाज नहीं होती — अत्यंत मधुर और अदृश्य रूप से ये अपना काम करते हैं। कामदेव का धनुष प्रकृति के सर्वाधिक कोमल और शक्तिशाली तत्त्वों से बना है — मधुर रस से भरा गन्ना, जो मिठास और आकर्षण का प्रतीक है। उनके धनुष का एक कोना स्थिरता का और दूसरा चंचलता का प्रतीक माना जाता है, जो प्रेम की द्विधा का बोध कराता है। कामदेव का वाहन मकर (या तोते) है और उनके साथ उनकी सखी वसंत ऋतु रहती है।





