विस्तृत उत्तर
इस चौपाई का अर्थ है — ब्रह्मचर्य, नियम, नाना प्रकारके संयम, धीरज, धर्म, ज्ञान, विज्ञान, सदाचार, जप, योग, वैराग्य — ये सब विवेककी सेना थी — ये सब डरकर भाग गयी।
तुलसीदासजी ने यहाँ एक सुन्दर रूपक (allegory) प्रयोग किया है:
- ▸विवेक = सेनापति
- ▸ब्रह्मचर्य, धीरज, ज्ञान, सदाचार, जप, योग, वैराग्य = विवेक की सेना के सैनिक
- ▸कामदेव = शत्रु राजा
- ▸कामदेव का प्रभाव = शत्रु का आक्रमण
जब कामदेव ने अपना प्रभाव फैलाया तो विवेकरूपी सेनापति अपने सहायकोंसहित भाग गया — अर्थात् सारी सृष्टि में विवेक, संयम, धैर्य सब नष्ट हो गये और सभी प्राणी काम के वश हो गये।
परन्तु शिवजी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा — उनकी समाधि अचल रही। यह शिवजी की अद्वितीय योगशक्ति का प्रमाण है।

