विस्तृत उत्तर
अग्नि देव की पत्नी का नाम स्वाहा है। पुराणों के अनुसार स्वाहा प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। श्रीमद्भागवत और शिव पुराण में स्वाहा के विषय में विस्तृत वर्णन मिलता है। स्वाहा का शाब्दिक अर्थ है 'सही रीति से पहुँचाना' अर्थात जरूरी पदार्थ को उसके प्रिय तक सुरक्षित पहुँचाना। अग्नि देव अपनी पत्नी स्वाहा से इतना प्रेम करते हैं कि उनके बिना वे कोई भी आहुति ग्रहण नहीं करते। इसीलिए यज्ञ-हवन में प्रत्येक आहुति के बाद 'स्वाहा' बोला जाता है — यह इंगित करता है कि हविष्य अग्नि देव की प्रिया स्वाहा के माध्यम से देवताओं तक पहुँच रहा है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने स्वाहा को स्वयं वरदान दिया था कि केवल उन्हीं के माध्यम से देवता हविष्य ग्रहण कर सकेंगे। पुराणों के अनुसार अग्नि देव और स्वाहा के पावक, पवमान और शुचि नाम के तीन पुत्र थे, जिनसे उनचास प्रकार की अग्नियों की उत्पत्ति हुई।





