विस्तृत उत्तर
श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्राप्त होने के विषय में पुराणों में कई मत मिलते हैं।
पहला और सर्वाधिक प्रचलित मत यह है कि श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं, इसलिए सुदर्शन चक्र स्वयं उनके साथ अवतरित हुआ — जैसे विष्णु के हर अवतार में यह चक्र किसी न किसी रूप में उपस्थित रहता है।
दूसरा मत महाभारत के खांडव-दहन प्रसंग से जुड़ा है। महाभारत के अनुसार जब अर्जुन और श्रीकृष्ण ने अग्निदेव की सहायता से खांडव वन को जलाया, तब प्रसन्न अग्निदेव ने श्रीकृष्ण को एक दिव्य चक्र और कौमोदकी गदा भेंट की।
तीसरा मत शिव महापुराण से है — शिव ने विष्णु को दिया → विष्णु ने पार्वती को → पार्वती ने परशुराम को → परशुराम ने श्रीकृष्ण को।
कुछ मत के अनुसार परशुराम ने वरुणदेव से यह चक्र प्राप्त किया था और श्रीकृष्ण को दिया था।
सारांश में — श्रीकृष्ण विष्णु के अवतार होने से यह चक्र मूलतः उन्हीं का है। बाहरी कथाओं में महाभारत में अग्नि देव द्वारा और एक परंपरा में परशुराम द्वारा दिए जाने का उल्लेख मिलता है।





