विस्तृत उत्तर
सुदर्शन' एक संस्कृत शब्द है जो दो शब्दों के संयोग से बना है — 'सु' और 'दर्शन'।
सु' का अर्थ है — शुभ, पवित्र, श्रेष्ठ, मंगलकारी। 'दर्शन' का अर्थ है — देखना, दृष्टि, साक्षात्कार। इस प्रकार 'सुदर्शन' का पूर्ण अर्थ है — शुभ दृष्टि, मंगलमय दर्शन, श्रेष्ठ साक्षात्कार।
आध्यात्मिक दृष्टि से इसका गूढ़ अर्थ यह है — जो भगवान विष्णु की 'सुदर्शन' (शुभ) दृष्टि से संचालित होता है वह सुदर्शन है। जब भगवान इसे चलाते हैं, तब यह उनकी दिव्य दृष्टि और संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है। धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश का यह प्रतीक है।
इसका 'चक्र' भाग — 'चक्र' का अर्थ है गोल, घूमने वाला। सुदर्शन + चक्र = शुभ दृष्टि वाला गोलाकार अस्त्र। चक्र का गोलाकार स्वरूप अनंत काल-चक्र, ब्रह्मांड की शाश्वत गति और न्याय की निरंतरता का भी प्रतीक है।
सुदर्शन चक्र को सुदर्शन मंत्र — 'ओम सुदर्शनाय नमः' — से आह्वान किया जाता है और इसका स्मरण मात्र ही भय और अज्ञान को दूर करता है।





