हरतालिका तीज व्रत का नाम कैसे पड़ा का सबसे सीधा सार यह है: 'हरत' (हरण करना) + 'आलिका' (सखी) = 'हरतालिका'। सखी ने पार्वती का हरण कर जंगल में ले जाकर विष्णु से विवाह रोका — इसी घटना से यह नाम...
हरतालिका तीज और उपासना जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 4 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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•हरतालिका तीज और उपासना श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
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