विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु के पास अनेक दिव्य अस्त्र-शस्त्र हैं जो उनके चार भुजाओं में धारण किए जाते हैं और उनके भक्तों की रक्षा एवं अधर्म के नाश के लिए उपयोग में लाए जाते हैं।
प्रमुख अस्त्र-शस्त्र इस प्रकार हैं — सुदर्शन चक्र: यह विष्णु का सबसे प्रसिद्ध अस्त्र है जो शिव ने उन्हें दिया था। यह तेजी से घूमता हुआ अचूक और वापस लौटने वाला चक्र है। कौमोदकी गदा: यह विष्णु की दिव्य गदा है जो भयंकर गर्जना करती है। शार्ङ्ग धनुष (शारंग): यह विष्णु का दिव्य धनुष है जिसे विश्वकर्मा ने बनाया था। नंदक तलवार (नंदकी खड्ग): ज्ञान और विवेक की प्रतीक यह विष्णु की दिव्य तलवार है। पांचजन्य शंख: यह विजय और धर्म का प्रतीक शंख है।
इसके अतिरिक्त विष्णु के पास नारायणास्त्र और वैष्णवास्त्र जैसे महाशक्तिशाली दिव्यास्त्र भी हैं। उनके चार हाथों में शंख, सुदर्शन चक्र, कौमोदकी गदा और कमल — ये चार प्रमुख आयुध-चिह्न सदा विद्यमान रहते हैं। पद्म (कमल) शस्त्र नहीं है परंतु सृष्टि, समृद्धि और सौंदर्य का प्रतीक है।





