विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु चतुर्भुज हैं — चार भुजाओं वाले। उनके चार हाथों में चार दिव्य आयुध-चिह्न हैं जो सृष्टि, पालन और संहार के चार पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
चार हाथों में इस प्रकार हैं — दाहिने ऊपरी हाथ में सुदर्शन चक्र: यह मन का प्रतीक है जो घूमता रहता है। दाहिने निचले हाथ में कौमोदकी गदा: यह ज्ञान का प्रतीक है — ज्ञान से अज्ञान रूपी शत्रु नष्ट होता है। बाएं ऊपरी हाथ में पांचजन्य शंख: यह पंचभूत (पाँच तत्वों) का प्रतीक है। शंख की ध्वनि ओंकार से जुड़ी है। बाएं निचले हाथ में कमल (पद्म): यह सौंदर्य, पवित्रता, समृद्धि और सृष्टि का प्रतीक है।
कुछ रूपों में चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल की स्थिति भिन्न होती है — इसे 'चतुर्व्यूह' या 'वासुदेव रूप' कहते हैं। अलग-अलग ग्रंथों में चारों आयुधों का क्रम थोड़ा भिन्न मिलता है।
आध्यात्मिक अर्थ में शंख = सृष्टि (नाद/ध्वनि), चक्र = संचालन और न्याय, गदा = शक्ति और दंड, कमल = प्रेम और मोक्ष।





