विस्तृत उत्तर
असितांग भैरव के चार हाथों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित तांत्रिक आयुध होते हैं:
- ▸शूल (त्रिशूल)
- ▸कपाल (खोपड़ी)
- ▸पाश (फंदा)
- ▸डमरू
इन आयुधों का उपयोग वे लोकों की रक्षा के लिए करते हैं।
ध्यान श्लोक में भी कहा गया है: 'हस्ते शूल कपाल पाश डमरु लोकस रक्षा करम्'।





