विस्तृत उत्तर
भैरव को काशी (वाराणसी) का कोतवाल या मुख्य रक्षक भी कहा जाता है।
यह इसलिए है क्योंकि उनकी शक्ति स्थूल और सूक्ष्म, दोनों स्तरों पर रक्षा करने वाली है।
उनका वाहन श्वान (कुत्ता) इसी क्षेत्रपालक (रक्षक) स्वभाव का प्रतीक है।
भैरव को काशी का कोतवाल इसलिए कहते हैं क्योंकि उनकी शक्ति स्थूल और सूक्ष्म दोनों स्तरों पर रक्षा करती है — वे क्षेत्रपाल हैं और उनका वाहन श्वान इसका प्रतीक है।
भैरव को काशी (वाराणसी) का कोतवाल या मुख्य रक्षक भी कहा जाता है।
यह इसलिए है क्योंकि उनकी शक्ति स्थूल और सूक्ष्म, दोनों स्तरों पर रक्षा करने वाली है।
उनका वाहन श्वान (कुत्ता) इसी क्षेत्रपालक (रक्षक) स्वभाव का प्रतीक है।
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