विस्तृत उत्तर
घंटाकर्णेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर वाराणसी (काशी) में कर्णघंटा मोहल्ले में स्थित है। इसका सर्वेक्षण कोड K 60/66 है। यह क्षेत्र चौक और मैदागिन के मध्य पड़ता है।
मंदिर के ठीक समीप घंटाकर्ण हृद (कर्णघंटा तालाब — K 60/67) विद्यमान है, जो स्वयं शिवगण घंटाकर्ण द्वारा खोदा गया पवित्र तीर्थ कुंड है।
इसी क्षेत्र में महर्षि वेदव्यास द्वारा स्थापित व्यासेश्वर महादेव का मंदिर भी है। स्कंद पुराण के अनुसार, घंटाकर्ण हृद में स्नान कर व्यासेश्वर का दर्शन करने वाला व्यक्ति पूर्ण ज्ञानी हो जाता है।
काशी खंड और स्थानीय सर्वेक्षणों के अनुसार, शिवगणों द्वारा स्थापित शिवलिंगों की काशी में एक ज्यामितीय और वृत्ताकार अवस्थिति है जो काशी के अन्तर्गृह की रक्षा करती है — घंटाकर्णेश्वर इस रक्षा-चक्र में केंद्रीय स्थान रखते हैं।





