विस्तृत उत्तर
स्कंद पुराण के काशी खंड और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार काशी में ५११ से अधिक शिवलिंग प्रतिष्ठित थे।
इन शिवलिंगों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है — १२ स्वयंभू शिवलिंग, ४६ देवताओं द्वारा स्थापित, ४७ ऋषियों द्वारा स्थापित, ७ ग्रहों द्वारा स्थापित, ४० शिवगणों द्वारा स्थापित, और २९४ अन्य शिवभक्तों द्वारा स्थापित।
काशी को तांत्रिक और आगमिक दृष्टि से एक 'महा-यंत्र' माना गया है — ये सभी शिवलिंग मिलकर काशी के आध्यात्मिक रक्षा-तंत्र का निर्माण करते हैं।
इसे 'अविमुक्त क्षेत्र' कहा जाता है — वह क्षेत्र जिसे शिव ने कभी नहीं छोड़ा। काशी का कण-कण शिव-तत्त्व से व्याप्त है।
काशीखण्डोक्त ५२४ शिवलिंगों की सूची में वर्तमान में लगभग ३२४ शिवलिंग अस्तित्व में हैं, शेष अज्ञात या विलुप्त हैं।





