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काशी के शिवलिंग⏱ 2 मिनट पठन

काशी में शिवगणों द्वारा स्थापित शिवलिंगों की सूची?

स्कंद पुराण के काशी खंड के अनुसार काशी में भगवान शिव के प्रमुख गणों ने अनेक जाग्रत शिवलिंग स्थापित किए।

संक्षिप्त उत्तर

काशी खंड के अनुसार — दंडपाणि ने दंडीश्वर, घंटाकर्ण ने घंटाकर्णेश्वर, वीरभद्र ने वीरभद्रेश्वर, कुण्डोदर ने कुण्डोदरेश्वर, महाकाल ने महाकालेश्वर, क्षेमक ने क्षेमेश्वर, पंचशीर्ष ने पंचशिखेश्वर की स्थापना की।

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विस्तृत उत्तर

स्कंद पुराण के काशी खंड के अनुसार काशी में भगवान शिव के प्रमुख गणों ने अनेक जाग्रत शिवलिंग स्थापित किए। ये 'शिवगण-स्थापित लिंग' काशी के आध्यात्मिक रक्षा-तंत्र का अभिन्न अंग हैं। प्रमुख सूची इस प्रकार है —

दंडपाणि गण ने दंडीश्वर महादेव की स्थापना की — मुक्ति मंडप में स्थित।

घंटाकर्ण (घनकर्ण) गण ने घंटाकर्णेश्वर महादेव की स्थापना की — कर्णघंटा तालाब के समीप (K 60/66)।

वीरभद्र गण ने वीरभद्रेश्वर महादेव की स्थापना की — अविमुक्तेश्वर के पश्चिम में।

हुण्डन-मुण्डन गण ने हुण्डेश-मुण्डेश महादेव की स्थापना की — शैलेश्वर के निकट।

कुण्डोदर गण ने कुण्डोदरेश्वर महादेव की स्थापना की — लोलार्क कुंड के समीप।

महाकाल गण ने महाकालेश्वर महादेव की स्थापना की — महाकाल क्षेत्र में।

क्षेमक गण ने क्षेमेश्वर महादेव की स्थापना की — क्षेमेश्वर घाट क्षेत्र में।

पंचशीर्ष गण ने पंचशिखेश्वर महादेव की स्थापना की — वेताल कुंड के समीप।

इन सभी लिंगों में संबंधित गण की शक्ति स्थायी रूप से समाहित है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

काशी में शिवगणों द्वारा स्थापित शिवलिंगों की सूची को संदर्भ सहित समझें

काशी में शिवगणों द्वारा स्थापित शिवलिंगों की सूची का सबसे सीधा सार यह है: काशी खंड के अनुसार — दंडपाणि ने दंडीश्वर, घंटाकर्ण ने घंटाकर्णेश्वर, वीरभद्र ने वीरभद्रेश्वर, कुण्डोदर ने कुण्डोदरेश्वर, महाकाल ने महाकालेश्वर, क्षेमक ने क्षेमेश्वर, पंचशीर्ष ने पंचशिखेश्वर की स्थापना...

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