विस्तृत उत्तर
शंकुकर्णेश्वर महादेव के चारों ओर कई प्रमुख देवस्थान स्थित हैं —
शंकुकर्णेश्वर के वायव्य कोण में मांडव्येश्वर महादेव का पवित्र स्थान है।
उत्तर की ओर एक प्राचीन कुंड पर सिद्धेश्वर महादेव विराजमान हैं।
निकट ही गणों से घिरे हुए स्वयं भगवान सदाशिव और भगवती पार्वती क्षेत्र के द्वार की रक्षा करते हुए 'द्वारेश्वर' और 'द्वारेश्वरी' के रूप में विराजमान हैं।
उत्तर में एक मुख-शिवलिंग तथा छागलेश्वर स्थित हैं।
पश्चिम में कपर्दीश्वर और अंगारेश्वर महादेव (अंगारेश्वर तड़ाग सहित) स्थित हैं।





