विस्तृत उत्तर
काशी खंड, शिव पुराण और आधुनिक शोधों के अनुसार, शंकुकर्णेश्वर महादेव काशी के मूल अधिपति आदि-विश्वेश्वर (भगवान काशी विश्वनाथ) के उत्तर-पश्चिम दिशा अर्थात् 'वायव्य कोण' में स्थित हैं।
भगवान विश्वनाथ का मंदिर काशी का हृदय है — इसी विश्वेश्वर परिक्षेत्र के चारों ओर अन्य शिव गणों और देव-शक्तियों ने अपने स्थान सुनिश्चित किए हैं। शंकुकर्णेश्वर इस रक्षा-चक्र में वायव्य कोण पर स्थित हैं।





