काशी के शिवलिंगशंकुकर्णेश्वर महादेव मंदिर काशी में कहाँ स्थित है?काशी विश्वनाथ (विश्वेश्वर) के वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम दिशा) में स्थित हैं।#शंकुकर्णेश्वर#काशी#वायव्य कोण
काशी के तीर्थघंटाकर्ण हृद (कर्णघंटा तालाब) क्या है और इसमें स्नान का क्या फल है?घंटाकर्ण हृद शिवगण घंटाकर्ण द्वारा स्वयं खोदा गया पवित्र कुंड है (K 60/67)। स्कंद पुराण कहता है — इसमें स्नान कर एकाग्र होने पर विश्वनाथ की आरती के घंटों का दिव्य नाद सुनाई देता है।#घंटाकर्ण हृद#कर्णघंटा तालाब
तीर्थ एवं धामकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का रहस्य क्या है?काशी विश्वनाथ का सबसे बड़ा रहस्य तारक मंत्र है — यहाँ मरने वाले के कान में स्वयं शिव मुक्तिदायक मंत्र का उपदेश करते हैं, इसीलिए काशी मोक्ष नगरी है। काशी शिव के त्रिशूल पर बसी है इसलिए प्रलय में भी नष्ट नहीं होती।#काशी#विश्वनाथ#ज्योतिर्लिंग
तीर्थ यात्राकाशी विश्वनाथ दर्शन नियम विधि2:30AM-11PM। ऑनलाइन+आधार। गंगा स्नान→विश्वनाथ→गंगा आरती। काशी कॉरिडोर।#काशी#विश्वनाथ#दर्शन