विस्तृत उत्तर
स्कंद पुराण के काशी खंड (अध्याय 53-54) और अध्याय 97 के अनुसार, महाकालेश्वर शिवलिंग काशी (वाराणसी) के दारा नगर क्षेत्र में (विशेश्वरगंज/जी.पी.ओ. के समीप), प्रसिद्ध 'महामृत्युंजय महादेव मंदिर' के प्रांगण में विद्यमान है। यह दक्षेश्वर लिंग के पूर्व दिशा में स्थित है और इसका वर्तमान नगर निगम क्रमांक K-52/39 है।
इस लिंग को 'स्वयंभू' नहीं माना गया है, बल्कि इसकी स्थापना साक्षात भगवान शिव के परम प्रिय और उग्र 'महाकाल' नामक शिव गण ने की थी। कथा के अनुसार, जब शिव मंदराचल पर्वत पर थे, तब उन्होंने काशी का आध्यात्मिक स्पंदन बनाए रखने के लिए महाकाल सहित अन्य गणों को भेजा था। महाकाल गण ने काशी में घोर तपस्या कर इस परम शक्तिशाली शिवलिंग की स्थापना की।





