विस्तृत उत्तर
शंकुकर्णेश्वर महादेव के सान्निध्य में 'घट दान' (मिट्टी का जल-भरा घड़ा दान करना) का विधान अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है।
महर्षि व्यास के वचनों के अनुसार, विशेषकर वैशाख मास की पूर्णिमा को ब्राह्मण को जल से भरा हुआ मटका (घट) दान करने से जो पुण्य प्राप्त होता है, वह 'गया श्राद्ध शतम' — अर्थात् गया जी (बिहार) में 100 बार श्राद्ध करने के पुण्य के समान होता है।
इसका तात्विक आधार यह है कि जल से भरा घट मानव देह और उसमें स्थित प्राणों की पूर्णता का प्रतीक है। इसे दान करने से पितरों को असीम तृप्ति मिलती है और दानकर्ता के प्राणों की रक्षा होती है।





