ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
काशी के शिवलिंग⏱ 1 मिनट पठन

शंकुकर्णेश्वर महादेव वायव्य कोण में क्यों स्थित हैं

वायव्य कोण के अधिपति वायु देव हैं — वायु प्राण का प्रतीक।

संक्षिप्त उत्तर

वायव्य कोण के अधिपति वायु देव हैं — वायु प्राण का प्रतीक। प्राण-दिशा में स्थापित होने से यह शिवलिंग प्राणों की रक्षा, आयु-वृद्धि, असाध्य रोग नाश और अकाल मृत्यु रोकने में अमोघ है।

📖

विस्तृत उत्तर

वास्तु और तंत्र शास्त्र में वायव्य कोण (North-West) के अधिपति 'वायु' देव हैं। वायु प्राण का प्रतीक है — मानव देह में प्राण ही आयु का निर्धारण करता है और प्राण-वायु के देह से निर्गमन को ही 'मृत्यु' कहा जाता है।

चूंकि शंकुकर्णेश्वर महादेव की स्थापना इसी प्राण-दिशा (वायव्य कोण) में हुई है, अतः यह शिवलिंग सीधे तौर पर साधक के प्राणों (प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान) को नियंत्रित करने, आयु की रक्षा करने, वायु-जनित एवं असाध्य रोगों को नष्ट करने और अकाल मृत्यु को रोकने का परम सामर्थ्य रखता है।

यही कारण है कि आयु-रक्षा और मृत्यु-भय के निवारण के लिए विश्वेश्वर के वायव्य कोण में स्थित इस शिवलिंग की आराधना का विधान है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शंकुकर्णेश्वर महादेव वायव्य कोण में क्यों स्थित हैं — इसका आध्यात्मिक कारण क्या है को संदर्भ सहित समझें

शंकुकर्णेश्वर महादेव वायव्य कोण में क्यों स्थित हैं — इसका आध्यात्मिक कारण क्या है का सबसे सीधा सार यह है: वायव्य कोण के अधिपति वायु देव हैं — वायु प्राण का प्रतीक। प्राण-दिशा में स्थापित होने से यह शिवलिंग प्राणों की रक्षा, आयु-वृद्धि, असाध्य रोग नाश और अकाल...

काशी के शिवलिंग जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

काशी के शिवलिंग श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

काशी के शिवलिंग प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

शंकुकर्णेश्वरवायव्य कोणवायुप्राणअकाल मृत्युआयु रक्षा
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शंकुकर्णेश्वर महादेव वायव्य कोण में क्यों स्थित हैं — इसका आध्यात्मिक कारण क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको काशी के शिवलिंग से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#शंकुकर्णेश्वर#वायव्य कोण#वायु#प्राण#अकाल मृत्यु#आयु रक्षा