विस्तृत उत्तर
अक्सर लोक-मान्यता में इन दोनों को एक ही मान लिया जाता है, परंतु स्कंद पुराण के काशी खंड के अनुसार ये दोनों शिव की वृहद नंदी-परंपरा के भिन्न-भिन्न शिवगण हैं। शिव की सेना के नायक 'नंदीषेण' ने काशी में 'नंदीशेनेश्वर लिंग' स्थापित किया था। वहीं दूसरी ओर, 'सोमनंदिन' एक अलग गण थे, जिन्होंने नंदवन में 'सोमनंदीश्वर लिंग' की स्थापना की थी। काशी में दोनों का स्वतंत्र और विशिष्ट स्थान है।

