विस्तृत उत्तर
धर्म-कर्माधिपति योग 9वें (धर्म) और 10वें (कर्म) भाव से बनता है और यह कार्यक्षेत्र में सर्वोच्च अधिकार, राज्य सम्मान और पद-प्रतिष्ठा देता है। जबकि 'लक्ष्मी योग' 1st (लग्न) और 9वें (भाग्य) भाव (विशेषकर शुक्र की भूमिका) से बनता है, जो विपुल धन, समृद्धि, सौंदर्य और भौतिक संपदा प्रदान करता है।





