विस्तृत उत्तर
यद्यपि ये तीनों शिवलिंग चंद्र-तत्त्व (सोम) से जुड़े हैं, लेकिन इनके शास्त्र-संदर्भ, स्थापनाकर्ता और फलश्रुति में मुख्य अंतर है:
- 1सोमानंदीश्वर लिंग (काशी खंड, अध्याय 53): इसकी स्थापना शिव-गण 'सोमनंदी' ने की थी। यह अवसाद, क्रोध और मानसिक अस्थिरता को दूर कर शांत परमानंद में बदलने के लिए सर्वोच्च तपस्या-स्थल है।
- 2चंद्रेश्वर लिंग (काशी खंड, अध्याय 14): इसकी स्थापना स्वयं 'चंद्रदेव' ने की थी। यह लिंग सौभाग्य, समृद्धि, ऐश्वर्य और मानसिक स्पष्टता की प्राप्ति से जुड़ा है।
- 3सोमेश्वर लिंग (काशी खंड, अध्याय 100): यह गुजरात के सुप्रसिद्ध 'सोमनाथ ज्योतिर्लिंग' का काशी में स्थानिक प्रतिरूप है। इसके दर्शन से मुख्य ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य मिलता है।





