विस्तृत उत्तर
काशी के राजा दिवोदास के धर्मपरायण शासन के कारण देवताओं को काशी छोड़कर जाना पड़ा था। भगवान शिव भी काशी छोड़कर मंदराचल पर्वत चले गए थे, परंतु वे अपनी प्रिय मोक्षदायिनी नगरी पुनः लौटना चाहते थे। राजा दिवोदास के राज्य में कोई दोष निकालने और उन्हें काशी से विस्थापित करने की योजना के तहत, शिव ने 64 योगिनियों, सूर्य और ब्रह्मा के विफल होने के बाद अपने अत्यंत पराक्रमी शिवगणों को काशी भेजा था।





