विस्तृत उत्तर
स्कंद पुराण ने २ से लेकर १० वर्ष तक की कन्याओं की आयु के अनुसार उनके विशेष नाम और स्वरूप निर्धारित किए हैं:
२ वर्ष — कुमारिका (कुमारी): दरिद्रता और दुख का नाश करने वाली।
३ वर्ष — त्रिमूर्ति: धर्म, अर्थ और काम की प्रदाता।
४ वर्ष — कल्याणी: सुख, शांति और कल्याण करने वाली।
५ वर्ष — रोहिणी: रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करने वाली।
६ वर्ष — कालिका (काली): शत्रुओं का नाश और विजय दिलाने वाली।
७ वर्ष — चंडिका: ऐश्वर्य और धन की प्राप्ति कराने वाली।
८ वर्ष — शाम्भवी: वाद-विवाद में विजय और लोकप्रियता देने वाली।
९ वर्ष — दुर्गा: कठिन संकटों से उबारने और शत्रुओं का नाश करने वाली।
१० वर्ष — भद्रा / सुभद्रा: सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली।





