विस्तृत उत्तर
हिंदू धर्म में देवी दुर्गा की उपासना के अनेक विधान हैं, जिनमें चैत्र (वासंतिक) और आश्विन (शारदीय) नवरात्रि का विशेष और युगान्तकारी महत्व है।
देवी भागवत पुराण और तंत्र-आगम ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि केवल एक सामान्य पर्व या उत्सव मात्र नहीं है, अपितु यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) के साथ मानवीय चेतना के तादात्म्य को स्थापित करने वाला एक अत्यंत सूक्ष्म, वैज्ञानिक और तांत्रिक अनुष्ठान है।
यह कालखंड प्रकृति में ऋतु-परिवर्तन, नव-सृजन और ब्रह्मांडीय शक्तियों के जागरण का समय होता है।





