विस्तृत उत्तर
चंद्रघंटा = नवरात्रि तीसरे दिन — माथे पर अर्धचंद्र + घंटा आकार:
घंटी महत्व
- 1चंद्रघंटा = घंटा ध्वनि: माता के माथे पर चंद्रमा घंटे के आकार में — घंटी बजाना = माता का आवाहन।
- 2नकारात्मक ऊर्जा नाश: घंटी ध्वनि = दुष्ट शक्तियां भाग जाती हैं — देवी ने युद्ध में घंटा ध्वनि से राक्षसों को भयभीत किया।
- 3देवी जागरण: मंदिर में घंटी = देवी को जगाना/ध्यान आकर्षित।
- 4'ॐ' ध्वनि: घंटी = 'ॐ' की अनुगूंज — ब्रह्मांडीय कंपन।
पूजा: नवरात्रि दिन 3। भोग: दूध। रंग: स्लेटी/ग्रे। मंत्र: 'ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः'। मणिपुर चक्र जागरण।





