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नवदुर्गा📜 नवरात्रि पूजा पद्धति1 मिनट पठन

चंद्रघंटा माता की पूजा में घंटी बजाने का क्या महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

माथे पर चंद्र+घंटा = घंटी बजाना = आवाहन। दुष्ट शक्ति नाश (युद्ध में राक्षस भयभीत)। 'ॐ' अनुगूंज। दिन 3, भोग: दूध, रंग: स्लेटी। 'ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः'।

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विस्तृत उत्तर

चंद्रघंटा = नवरात्रि तीसरे दिन — माथे पर अर्धचंद्र + घंटा आकार:

घंटी महत्व

  1. 1चंद्रघंटा = घंटा ध्वनि: माता के माथे पर चंद्रमा घंटे के आकार में — घंटी बजाना = माता का आवाहन।
  2. 2नकारात्मक ऊर्जा नाश: घंटी ध्वनि = दुष्ट शक्तियां भाग जाती हैं — देवी ने युद्ध में घंटा ध्वनि से राक्षसों को भयभीत किया।
  3. 3देवी जागरण: मंदिर में घंटी = देवी को जगाना/ध्यान आकर्षित।
  4. 4'ॐ' ध्वनि: घंटी = 'ॐ' की अनुगूंज — ब्रह्मांडीय कंपन।

पूजा: नवरात्रि दिन 3। भोग: दूध। रंग: स्लेटी/ग्रे। मंत्र: 'ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः'। मणिपुर चक्र जागरण।

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शास्त्रीय स्रोत
नवरात्रि पूजा पद्धति
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