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विस्तृत उत्तर
माँ शैलपुत्री नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं जिनकी पूजा नवरात्रि के पहले दिन होती है।
शाब्दिक अर्थ और पौराणिक पृष्ठभूमि: पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में पार्वती का जन्म। वृषभ पर सवार।
तात्विक और दार्शनिक संदेश: यह रूप स्थिरता, जड़ता के नाश और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
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