विस्तृत उत्तर
माँ महागौरी नवदुर्गा का अष्टम स्वरूप हैं जिनकी पूजा नवरात्रि के आठवें दिन होती है।
शाब्दिक अर्थ और पौराणिक पृष्ठभूमि: कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव द्वारा गंगाजल से स्नान कराने पर प्राप्त अत्यंत गौर वर्ण।
तात्विक और दार्शनिक संदेश: पवित्रता, शांति, सौम्यता और निष्पाप जीवन की प्राप्ति।





