विस्तृत उत्तर
कमल भगवान के हाथ में स्थित पुष्प है। कमल कीचड़ में खिलकर भी उससे सर्वथा निर्लेप रहता है। यह इस बात का प्रतीक है कि मनुष्य को संसार के मलिन वातावरण में रहते हुए भी मोह-माया से मुक्त और पवित्र रहना चाहिए।
कमल (पद्म) = कीचड़ में खिलकर भी निर्लेप। प्रतीक: मनुष्य को संसार के मलिन वातावरण में रहते हुए भी मोह-माया से मुक्त और पवित्र रहना चाहिए।
कमल भगवान के हाथ में स्थित पुष्प है। कमल कीचड़ में खिलकर भी उससे सर्वथा निर्लेप रहता है। यह इस बात का प्रतीक है कि मनुष्य को संसार के मलिन वातावरण में रहते हुए भी मोह-माया से मुक्त और पवित्र रहना चाहिए।
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