विस्तृत उत्तर
पूजा घर में कपड़े बदलना (विशेषकर वस्त्र उतारना) अनुचित माना जाता है।
वर्जित क्यों
- 1अनादर — भगवान की मूर्ति/चित्र के समक्ष निर्वस्त्र या अर्धनग्न होना अनादरपूर्ण है।
- 2पवित्रता — पूजा स्थल केवल पूजा, ध्यान और भक्ति के लिए है। सांसारिक कार्य यहां वर्जित हैं।
- 3मंदिर समानता — जैसे मंदिर में कपड़े नहीं बदलते, वैसे ही गृह मंदिर में भी नहीं।
अपवाद
- ▸पूजा के लिए वस्त्र बदलना — स्नान के बाद पूजा हेतु स्वच्छ/विशेष वस्त्र पहनना पूजा स्थल के समीप किया जा सकता है, परंतु मूर्ति/चित्र से मुख फेरकर या पर्दा बंद करके।
- ▸छोटे घर में — यदि पूजा स्थल अलग कमरे में नहीं है तो पर्दा बंद करके कपड़े बदलें।
व्यावहारिक सुझाव
- ▸पूजा घर में ड्रेसिंग टेबल, अलमारी (कपड़ों की) न रखें।
- ▸कपड़े बदलने का स्थान अलग हो।
- ▸यदि एक ही कमरे में है तो पूजा स्थल का पर्दा बंद करें।





